Swine Flu Cases in Noida: गौतमबुद्ध नगर में बदलते मौसम के बीच स्वाइन फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। जिले में अब तक 15 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने की जानकारी सामने आई है। बुखार, खांसी, जुकाम और गले में खराश जैसी शिकायतों के साथ लोग अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, संदिग्ध लक्षण वाले मरीजों की चिकित्सकीय सलाह के आधार पर जांच कराई जा रही है। बढ़ते मामलों को देखते हुए विभाग ने एहतियाती तैयारियां तेज कर दी हैं, ताकि संक्रमण के मामले बढ़ने पर मरीजों को समय पर इलाज मिल सके। जिला अस्पताल और जिम्स में बेड आरक्षित स्वाइन फ्लू के मरीजों के उपचार के लिए जिला अस्पताल और ग्रेटर नोएडा स्थित जिम्स अस्पताल में बेड आरक्षित किए गए हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों और जरूरी व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल स्थिति पर नजर रखी जा रही है और नए मामलों की निगरानी की जा रही है। जरूरत पड़ने पर अस्पतालों में उपचार संबंधी व्यवस्थाओं को और बढ़ाया जा सकता है। मौसम बदलने से बढ़ रहे सांस संबंधी संक्रमण चिकित्सकों के मुताबिक, मौसम में लगातार बदलाव के कारण वायरल संक्रमण और सांस से जुड़ी बीमारियों के मरीज भी बढ़ रहे हैं। स्वाइन फ्लू के शुरुआती लक्षण सामान्य वायरल बुखार या मौसमी संक्रमण जैसे हो सकते हैं, इसलिए लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की सलाह दी जा रही है। तेज बुखार, लगातार खांसी, गले में खराश, नाक बहना, शरीर में दर्द या असामान्य कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सक से संपर्क करने की सलाह दी गई है। संक्रमण से बचाव के लिए सावधानी जरूरी स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को भीड़भाड़ वाली जगहों पर अनावश्यक जाने से बचने और साफ-सफाई का ध्यान रखने की सलाह दी है। खांसते या छींकते समय नाक-मुंह ढकना और हाथों की नियमित सफाई संक्रमण के जोखिम को कम करने में मदद कर सकती है। स्वास्थ्य विभाग फिलहाल जिले में स्वाइन फ्लू की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। नए मामलों की संख्या और अस्पतालों की तैयारियों की नियमित समीक्षा की जा रही है। ये भी पढ़ें: नोएडा में 4 सितंबर तक धारा 163 लागू! धरना-प्रदर्शन से लेकर ड्रोन उड़ाने तक पर पाबंदी, जानें नए नियम